गुम्बदे ख़िज़रा की रूहानी झलक के बीच गूंजा इश्क़-ए-मुस्तफ़ा ﷺ, साबिर पाक के 758वें उर्स पर मनाया गया जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी
गुम्बदे ख़िज़रा की रूहानी झलक के बीच गूंजा इश्क़-ए-मुस्तफ़ा ﷺ, साबिर पाक के 758वें उर्स पर मनाया गया जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी
पिरान कलियर। हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स मुबारक के मौके पर जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ पूरी अकीदत, मोहब्बत और जोश-ओ-खरोश के साथ मनाया गया। इस मुबारक मौके पर गुम्बदे ख़िज़रा की रूहानी तस्वीर ने इश्क़-ए-मुस्तफ़ा ﷺ की कैफियत को और गहरा कर दिया।
सुबह बाद नमाज़-ए-फ़ज्र साबरी जामा मस्जिद में तिलावत-ए-कुरआन से कार्यक्रम का आगाज़ हुआ। इसके बाद नात शरीफ़ का दौर शुरू हुआ। शायरों और नातख्वानों ने बारगाह-ए-रिसालत ﷺ में नातिया कलाम पेश कर अपनी अकीदत का इज़हार किया। नातों की सदाओं के साथ माहौल में दरूद-ओ-सलाम की गूंज सुनाई देती रही और अकीदतमंद इश्क़-ए-रसूल ﷺ में सरशार नजर आए।
जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ के दौरान जुलूस के साथ बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंदों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। कलियर शरीफ की फिजाओं में अकीदत, मोहब्बत, भाईचारे और रूहानियत का खूबसूरत रंग देखने को मिला।
कार्यक्रम के आखिर में दरगाह साबिर पाक में हाजिरी देने पहुंचे तमाम जायरीन की सलामती, देश में अमन-ओ-अमान, खुशहाली, भाईचारे और तरक्की के लिए खास दुआ की गई। दुआ के वक्त अकीदतमंदों ने हाथ उठाकर मुल्क और पूरी इंसानियत के लिए अमन व सलामती की फरियाद की।
गुम्बदे ख़िज़रा ﷺ की रूहानी झलक, नातों की मिठास और साबिर पाक की दरगाह की फिजाओं में गूंजती दरूद-ओ-सलाम की सदाएं—जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ का यह मुबारक आयोजन मोहब्बत, अकीदत और इंसानियत का पैगाम दे गया।
नई दस्तक
इश्क़-ए-मुस्तफ़ा ﷺ • अकीदत • मोहब्बत • अमन
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