उर्स से पहले साबरी मेहमान खाना हुआ बंद, ‘हाजिरी’ के नाम पर लंबे समय से जमे लोगों पर प्रशासन की सख्ती'
उर्स से पहले साबरी मेहमान खाना हुआ बंद, ‘हाजिरी’ के नाम पर लंबे समय से जमे लोगों पर प्रशासन की सख्ती'
नई दस्तक:-(मुनव्वर अली साबरीं)
टीन शेड लगाकर प्रवेश मार्ग किए बंद, सुरक्षा और व्यवस्था को बताया प्रमुख कारण; उर्स के दौरान जायरीनों के लिए बेहतर उपयोग की तैयारी
पिरान कलियर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक के सालाना उर्स में अब चंद दिन ही शेष रह गए हैं। उर्स को लेकर पिरान कलियर में तैयारियां तेज हो गई हैं। पुलिस-प्रशासन से लेकर दरगाह प्रबंधन तक सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई और जायरीनों की सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुटा है। इसी क्रम में दरगाह कार्यालय के सामने स्थित साबरी मेहमान खाने को फिलहाल बंद कर दिया गया है।
दरगाह प्रशासन ने मेहमान खाने के प्रवेश मार्गों पर टीन शेड लगाकर रास्ते बंद कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि लंबे समय से कुछ लोग कथित तौर पर ‘हाजिरी’ के नाम पर यहां डेरा जमाए हुए थे। प्रशासन की ओर से इसे उर्स की व्यवस्थाओं और सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लंबे समय से बना था ठिकाना
दरगाह कार्यालय के सामने स्थित साबरी मेहमान खाना लंबे समय से ऐसे लोगों के ठहरने का स्थान बना हुआ था, जो कथित तौर पर हाजिरी के नाम पर यहां लंबे समय तक रहते थे। बताया जाता है कि मेहमान खाने के बेसमेंट सहित अन्य हिस्सों में लोगों के रहने, सोने और खाना पकाने तक की व्यवस्था बनी हुई थी।
कुछ स्थानों पर गैस सिलेंडर के इस्तेमाल से खाना पकाए जाने की बात भी सामने आती रही है। इससे जर्जर भवन में आग या अन्य दुर्घटना की आशंका को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई थीं।
खाली कराने के बाद फिर जम जाता था डेरा
स्थानीय स्तर पर यह भी बताया जाता रहा है कि पुलिस और प्रशासन की ओर से समय-समय पर मेहमान खाने को खाली कराया जाता था, लेकिन कुछ समय बाद वहां दोबारा लोग रहने लगते थे। इससे परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित होती रही।
जर्जर हालत में खड़ी इमारत में लंबे समय तक लोगों के रहने और खाना पकाने जैसी गतिविधियों को संभावित हादसे के लिहाज से भी गंभीर माना जा रहा था।
वीआईपी मार्ग होने से सुरक्षा चुनौती
साबरी मेहमान खाने की लोकेशन भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। यह दरगाह कार्यालय के ठीक सामने स्थित है और इसी मार्ग से अधिकारी, वीआईपी और वीवीआईपी दरगाह शरीफ पहुंचते हैं।
उर्स के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में जायरीन पिरान कलियर पहुंचते हैं। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह की अव्यवस्था सुरक्षा और यातायात दोनों के लिए चुनौती बन सकती है। इसी को देखते हुए उर्स से पहले मेहमान खाने को खाली कराकर प्रवेश मार्ग बंद कर दिया गया है।
जरूरतमंद जायरीनों के लिए उपयोग पर जोर
दरगाह प्रशासन का कहना है कि साबरी मेहमान खाने को स्थायी रूप से किसी उपयोग से बाहर नहीं किया गया है। फिलहाल उर्स की व्यवस्थाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे बंद किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर उर्स के दौरान इसका उपयोग जायरीनों की सुविधा के लिए किया जा सकता है।
प्रशासन का तर्क है कि मेहमान खाने जैसी सुविधा का उद्देश्य दूर-दराज से आने वाले जरूरतमंद जायरीनों को सुविधा उपलब्ध कराना है, न कि किसी व्यक्ति या समूह का लंबे समय तक वहां डेरा जमाना।
उर्स की व्यवस्थाओं का हिस्सा माना जा रहा कदम
सालाना उर्स के दौरान पिरान कलियर में लाखों जायरीनों की आमद होती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और ठहरने की व्यवस्थाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहती हैं।
साबरी मेहमान खाने को कथित तौर पर लंबे समय से जमे लोगों के लिए बंद करने का फैसला इसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है। अब देखना होगा कि उर्स के दौरान इस स्थान का किस प्रकार उपयोग किया जाता है और इसका लाभ वास्तव में दूर-दराज से आने वाले जायरीनों को कितना मिल पाता है।
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