पिरान कलियर में घरेलू गैस की कालाबाजारी का आरोप: 970 रुपये का सिलेंडर 2000 से 2500 में बिकने की शिकायत, आखिर कालाबाजारियों तक कैसे पहुंच रहे सिलेंडर?
पिरान कलियर में घरेलू गैस की कालाबाजारी का आरोप: 970 रुपये का सिलेंडर 2000 से 2500 में बिकने की शिकायत, आखिर कालाबाजारियों तक कैसे पहुंच रहे सिलेंडर?
पिरान कलियर। पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच देश के कई हिस्सों में घरेलू एलपीजी की बुकिंग और आपूर्ति को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। सरकार ने पैनिक बुकिंग और जमाखोरी पर नियंत्रण के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल निर्धारित किया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का बुकिंग अंतराल रखा गया है। सरकार ने उपभोक्ताओं से पैनिक बुकिंग से बचने और डिजिटल माध्यमों से सिलेंडर बुक करने की अपील भी की थी।
इन परिस्थितियों के बीच पिरान कलियर क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडर की कथित कालाबाजारी का मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय स्तर पर उपभोक्ताओं की ओर से शिकायतें सामने आ रही हैं कि निर्धारित व्यवस्था के तहत समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाने के कारण जरूरतमंद लोगों को कथित तौर पर 2,000 से 2,500 रुपये तक चुकाकर घरेलू सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस सिलेंडर की सामान्य उपभोक्ता कीमत करीब 970 रुपये बताई जा रही है, वही सिलेंडर कथित तौर पर खुले बाजार में दोगुने से भी अधिक दाम पर उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि, इस कीमत और कालाबाजारी की शिकायतों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग या गैस एजेंसी स्तर से होना अभी बाकी है।
उर्स के दौरान बढ़ जाती है घरेलू गैस की मांग
पिरान कलियर में 14 अगस्त से साबिर पाक का 758वां सालाना उर्स मुबारक शुरू होने जा रहा है। उर्स के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में जायरीन पिरान कलियर पहुंचते हैं। लाखों जायरीन की आमद के चलते स्थानीय स्तर पर खानकाहों, लंगर व्यवस्थाओं, होटलों, दुकानों और स्थानीय परिवारों में घरेलू गैस सिलेंडरों की मांग सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी बढ़ जाती है।
ऐसे समय में यदि स्थानीय उपभोक्ताओं को निर्धारित कीमत पर समय से घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और उन्हें कथित तौर पर 2,000 से 2,500 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं, तो यह मामला और भी गंभीर हो जाता है। उर्स के दौरान बढ़ने वाली मांग के मद्देनजर प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए गैस की पर्याप्त उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था की निगरानी बेहद जरूरी हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उर्स के मद्देनजर गैस की मांग बढ़ने के बीच आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ रही है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि नियमित उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में दिक्कत हो रही है तो कथित रूप से ऊंची कीमत पर सिलेंडर उपलब्ध कराने वालों के पास पर्याप्त संख्या में सिलेंडर कहां से पहुंच रहे हैं?
बुकिंग के नियमों के बीच बढ़ी लोगों की परेशानी
एलपीजी संकट के दौरान केंद्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरत को प्राथमिकता देने और जमाखोरी रोकने के लिए कई कदम उठाए थे। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ बुकिंग व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया था। सरकार ने स्पष्ट किया था कि देश में घरेलू आपूर्ति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
लेकिन पिरान कलियर जैसे क्षेत्र में यदि उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहा और वही सिलेंडर कथित तौर पर ऊंची कीमत पर बाजार में आसानी से मिल रहा है, तो यह व्यवस्था की निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
सबसे बड़ा सवाल—कालाबाजारियों के पास सिलेंडर आ कहां से रहे हैं?
इस पूरे मामले का सबसे अहम और जांच का विषय यही है।
अगर आम उपभोक्ता को सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, बुकिंग के लिए निर्धारित समय का इंतजार करना पड़ रहा है और दूसरी ओर कथित कालाबाजारियों के पास घरेलू सिलेंडर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं, तो आखिर ये सिलेंडर उनके पास पहुंच कैसे रहे हैं?
क्या कुछ लोगों द्वारा वैध उपभोक्ताओं के नाम पर अतिरिक्त सिलेंडर हासिल कर उन्हें ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है?
क्या किसी स्तर पर सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी या डायवर्जन हो रहा है?
क्या गैस एजेंसी से निकलने वाले सिलेंडरों की डिलीवरी व्यवस्था की पर्याप्त निगरानी हो रही है?
क्या कुछ डिलीवरी चैनलों के माध्यम से सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचने के बजाय कथित कालाबाजारियों तक पहुंच रहे हैं?
या फिर उर्स के दौरान बढ़ी मांग का फायदा उठाकर किसी अन्य माध्यम से घरेलू सिलेंडरों की अवैध खरीद-फरोख्त की जा रही है?
इन सवालों का जवाब पूरी सप्लाई चेन की जांच से ही सामने आ सकता है।
एजेंसी से लेकर कथित कालाबाजार तक जांच की जरूरत
सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता और वितरण पर निगरानी के लिए कदम उठाने की बात कही है तथा वितरण स्तर पर प्रवर्तन तंत्र के साथ समन्वय की जानकारी दी है। ऐसे में पिरान कलियर में सामने आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पूर्ति विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, गैस कंपनी और स्थानीय प्रशासन को संयुक्त रूप से जांच करनी चाहिए।
जांच में यह देखा जा सकता है कि पिछले कुछ समय में संबंधित क्षेत्र की गैस एजेंसियों से कितने घरेलू सिलेंडर जारी हुए, कितने उपभोक्ताओं के नाम पर बुकिंग हुई, कितनों की वास्तविक डिलीवरी हुई और डिलीवरी के बाद सिलेंडरों का कोई अवैध पुनर्विक्रय तो नहीं हुआ।
विशेष रूप से 14 अगस्त से शुरू होने वाले साबिर पाक के 758वें उर्स को देखते हुए प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बढ़ी हुई मांग के बावजूद स्थानीय परिवारों, खानकाहों और अन्य वास्तविक घरेलू उपभोक्ताओं को निर्धारित कीमत पर समय से गैस सिलेंडर उपलब्ध हों।
यदि किसी व्यक्ति या समूह द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित सिलेंडरों को खरीदकर ऊंची कीमत पर बेचना पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आवश्यक है।
जनता पूछ रही है—हमें लाइन में क्यों, कालाबाजारियों को तुरंत गैस क्यों?
पिरान कलियर के उपभोक्ताओं की परेशानी का सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक तरफ आम परिवार अपने घरेलू चूल्हे के लिए सिलेंडर लेने को परेशान है और दूसरी तरफ कथित तौर पर वही सिलेंडर 2,000 से 2,500 रुपये में उपलब्ध होने की बात कही जा रही है।
उर्स के दौरान जब पिरान कलियर में लाखों जायरीन की आमद की संभावना है और स्थानीय स्तर पर गैस की मांग बढ़ने वाली है, तब इस शिकायत की गंभीरता और बढ़ जाती है।
अगर यह शिकायत सही है तो यह केवल कालाबाजारी का मामला नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों की मजबूरी का फायदा उठाने का गंभीर मामला है।
नई दस्तक का सवाल सीधे जिम्मेदार विभागों से है—अगर घरेलू गैस की आपूर्ति नियंत्रित है और उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग व्यवस्था तय है, तो पिरान कलियर में कथित रूप से 2,000 से 2,500 रुपये में बिक रहे घरेलू सिलेंडर आखिर आ कहां से रहे हैं?
इस सवाल का जवाब सामने आना बेहद जरूरी है, ताकि उर्स के दौरान गैस की बढ़ी हुई मांग के बीच आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और घरेलू गैस की कथित कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
नोट: पिरान कलियर में 2,000–2,500 रुपये में सिलेंडर बिकने और 970 रुपये की मूल कीमत संबंधी आंकड़े स्थानीय शिकायत/दावे के रूप में प्रस्तुत किए जा रहे हैं। संबंधित विभाग या गैस एजेंसी से आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही इन्हें अंतिम तथ्य माना जाना चाहिए।
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