विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियां तेज, हरिद्वार में सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों का डाटाबेस तैयार करने के निर्देश
विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियां तेज, हरिद्वार में सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों का डाटाबेस तैयार करने के निर्देश
5 नवंबर तक विभागों को उपलब्ध कराना होगा कर्मचारियों का पूरा विवरण, लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई
हरिद्वार। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव के दौरान मतदान और मतगणना प्रक्रिया को सुचारु एवं निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए हरिद्वार जनपद में सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों का डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन ने केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी सरकारी और अर्द्धसरकारी विभागों, कार्यालयों तथा शिक्षण संस्थानों से कार्मिकों का निर्धारित प्रारूप में विवरण मांगा है।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड, देहरादून के निर्देशों के क्रम में यह कार्यवाही की जा रही है। निर्वाचन के दौरान मतदान एवं मतगणना कार्मिकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जनपद के सभी संबंधित विभागों और शिक्षण संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों का विवरण एकत्रित कर व्यवस्थित डाटाबेस तैयार किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों एवं कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित प्रारूप-1 और प्रारूप-2 के भाग 2/1, 2/2, 2/3 एवं 2/4 में कार्मिकों की जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपलब्ध कराया जाने वाला डाटा पूरी तरह शुद्ध, स्पष्ट, त्रुटिरहित और अद्यावधिक होना चाहिए।
प्रशासन की ओर से सभी संबंधित विभागों को यह विवरण 5 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभागों को कर्मचारियों का विवरण ई-मेल आईडी uahar@nic.in अथवा हार्ड कॉपी के माध्यम से जिला सूचना विज्ञान केंद्र, हरिद्वार में जमा कराने की सुविधा दी गई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को समयसीमा का गंभीरता से पालन करने के निर्देश देते हुए कहा है कि निर्धारित तिथि तक कार्मिकों का डाटा उपलब्ध नहीं कराने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि समय रहते कार्मिकों का सटीक डाटाबेस तैयार होने से आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान एवं मतगणना से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।
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