देवभूमि परिवार पोर्टल का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ, विकसित उत्तराखंड विजन-2047 का भी किया विमोचन

Nov 2, 2026 - 18:50
 0
देवभूमि परिवार पोर्टल का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ, विकसित उत्तराखंड विजन-2047 का भी किया विमोचन

देवभूमि परिवार पोर्टल का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ, विकसित उत्तराखंड विजन-2047 का भी किया विमोचन

सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना होगा आसान, प्रत्येक परिवार को मिलेगी विशिष्ट देवभूमि परिवार आईडी

2047 तक उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को 28 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य, 440 संकेतकों के आधार पर तैयार किया गया विकास का रोडमैप

देहरादून। उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को दो महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘देवभूमि परिवार पोर्टल’ का शुभारंभ किया तथा ‘विकसित उत्तराखंड विजन-2047’ दस्तावेज का विमोचन किया। सरकार की इन दोनों पहलों को प्रदेश में सुशासन को मजबूत बनाने, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और राज्य के दीर्घकालिक विकास को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी सरकार की सफलता का वास्तविक मूल्यांकन इस बात से होता है कि उसकी योजनाओं का लाभ कितने पात्र लोगों तक पहुंच रहा है और उन योजनाओं से आम नागरिकों के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव आ रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। इसके अलावा नागरिकों को एक ही जानकारी के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने और अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। देवभूमि परिवार पोर्टल इन समस्याओं को दूर करने में सहायक साबित होगा।

प्रत्येक परिवार को मिलेगी विशिष्ट देवभूमि परिवार आईडी

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि परिवार पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के परिवारों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इससे परिवारों और उनके सदस्यों से संबंधित आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगी। पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट ‘देवभूमि परिवार आईडी’ प्रदान की जाएगी।

इस व्यवस्था से विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की पहचान करना आसान होगा। साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा। नागरिकों को बार-बार दस्तावेज जमा करने और विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रमुख सचिव नियोजन डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि पोर्टल के माध्यम से योजनाओं की निगरानी, लाभार्थियों की आवश्यकताओं का आकलन तथा सरकारी बजट और संसाधनों का बेहतर नियोजन संभव हो सकेगा। इसके प्रभावी संचालन के लिए राज्य स्तर पर ‘देवभूमि परिवार प्राधिकरण’ तथा जिला स्तर पर ‘जिला देवभूमि परिवार अधिकारी’ की व्यवस्था प्रस्तावित है।

2047 तक 28 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने ‘विकसित उत्तराखंड विजन-2047’ को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज बताते हुए कहा कि यह केवल लक्ष्यों का संकलन नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की कार्ययोजना है।

प्रमुख सचिव नियोजन ने विजन दस्तावेज की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें लगभग 440 संकेतकों के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक विकास लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। वर्ष 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लगभग 28 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने तथा प्रतिव्यक्ति आय को लगभग 20 लाख रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा बेरोजगारी दर को 3.5 प्रतिशत और बहुआयामी गरीबी को 0.61 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विजन में कृषि, पर्यटन, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल विकास, कनेक्टिविटी और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और वन आच्छादन पर भी विशेष जोर

विजन-2047 के तहत वर्ष 2047 तक राज्य की स्थापित ऊर्जा क्षमता को लगभग 22 हजार मेगावाट तक पहुंचाने तथा वन आच्छादन को 46.6 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें वर्ष 2030, 2035, 2040, 2047 और 2050 के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों और जनपदों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजनाएं तैयार करने और निर्धारित समयसीमा में लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की नियमित समीक्षा और प्रभावी क्रियान्वयन से ही विकास के निर्धारित लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री के विकसित भारत संकल्प में महत्वपूर्ण योगदान देगा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने बाबा केदार की पावन भूमि से कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इसी प्रेरणा के साथ राज्य सरकार उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में सड़क, रेल, हवाई संपर्क और आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और चारधाम सड़क परियोजना प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई मजबूती प्रदान कर रही हैं।

इसके साथ ही केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य, मानसखंड मंदिर माला मिशन तथा धार्मिक पर्यटन से जुड़ी अन्य परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। शीतकालीन यात्रा के माध्यम से प्रदेश में पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर सरकार का विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश, स्वरोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के साथ ही स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदी योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

राज्य की अर्थव्यवस्था में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना से अधिक बढ़ चुकी है। पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि और रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी राज्य में हो रहे सकारात्मक बदलावों को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

‘प्रकृति के साथ प्रगति’ के मॉडल पर आगे बढ़ेगा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का विकास मॉडल ‘प्रकृति के साथ प्रगति’ की अवधारणा पर आधारित होना चाहिए। हिमालय, नदियां, वन संपदा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत प्रदेश की पहचान हैं। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य होने के कारण विकास की प्रत्येक योजना में पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित विकास लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जाए और योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से आम जनता तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार, प्रशासन और जनता की सामूहिक भागीदारी से उत्तराखंड विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एवं खजान दास, विधायक सविता कपूर, सेतु आयोग के सलाहकार दिनेश अग्रवाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सेतु आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, नीति आयोग की कार्यक्रम निदेशक डॉ. सोनिया पंत, आदित्य कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

नई दस्तक | देहरादून

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0