खड़गे की रैली से पहले बसें रोके जाने पर गरमाई सियासत, SSP कार्यालय में कांग्रेसियों का हंगामा'
खड़गे की रैली से पहले बसें रोके जाने पर गरमाई सियासत, SSP कार्यालय में कांग्रेसियों का हंगामा
नई दस्तक:-(मुनव्वर अली साबरीं)
गोदियाल, आर्य और कापड़ी समेत कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे कार्यकर्ता
हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रस्तावित रैली से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बसें रोके जाने के आरोप को लेकर शुक्रवार को हल्द्वानी और नैनीताल में सियासी माहौल गरमा गया। बसों को रोके जाने से नाराज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता नैनीताल के एसएसपी कार्यालय पहुंच गए।
एसएसपी कार्यालय पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि पुलिस प्रशासन जानबूझकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को खड़गे की रैली में पहुंचने से रोक रहा है। उनका कहना था कि बसों को रोके जाने का उद्देश्य रैली में कार्यकर्ताओं की संख्या प्रभावित करना और कार्यक्रम को कमजोर करना है।
कांग्रेस नेताओं ने नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि पुलिस प्रशासन भाजपा सरकार के दबाव में काम कर रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन से कार्रवाई का जवाब मांगा।
बताया गया कि विरोध बढ़ने से पहले ही एसएसपी मंजूनाथ टीसी कार्यालय से चले गए। इसके बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठ गए।
गोदियाल बोले—अधिकारियों को संविधान के अनुसार करना चाहिए काम
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की रैली में शामिल होने जा रहे कार्यकर्ताओं की बसों को रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन सरकार के दबाव में कार्रवाई कर रहा है।
गोदियाल ने अधिकारियों को संविधान और कानून के अनुसार काम करने की नसीहत देते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों ने संविधान की शपथ ली है और उन्हें किसी राजनीतिक दल के दबाव में काम नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सत्ता हमेशा किसी एक दल के पास नहीं रहती। अधिकारियों को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, जिसके चलते भविष्य में सत्ता परिवर्तन होने पर उन्हें जवाब देना मुश्किल हो।
यशपाल आर्य ने भी पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बसें रोके जाने को लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के कार्यक्रम में शामिल होने से लोगों को रोकना उचित नहीं है।
आर्य ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शांतिपूर्ण तरीके से अपना कार्यक्रम कर रही है, लेकिन प्रशासन द्वारा कार्यकर्ताओं की बसें रोककर अनावश्यक रूप से माहौल खराब किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से निष्पक्षता के साथ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।
रैली से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
एसएसपी कार्यालय में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के धरने तथा नारेबाजी का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। खड़गे के हल्द्वानी पहुंचने से ठीक पहले सामने आए इस घटनाक्रम ने उत्तराखंड की सियासत को गरमा दिया है।
कांग्रेस ने पूरे मामले में पुलिस प्रशासन से जवाब मांगा है। वहीं, बसों को रोके जाने के आरोपों और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदेश में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। अब सभी की नजरें खड़गे की हल्द्वानी रैली और इस पूरे विवाद पर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
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