खेल महाकुम्भ-2026 का भव्य समापन, देहरादून बना मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी का विजेता

Nov 1, 2026 - 16:27
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खेल महाकुम्भ-2026 का भव्य समापन, देहरादून बना मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी का विजेता

खेल महाकुम्भ-2026 का भव्य समापन, देहरादून बना मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी का विजेता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेता जनपद को ट्रॉफी के साथ प्रदान की 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि, 3.35 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने लिया प्रतियोगिताओं में हिस्सा

नई दस्तक:- (अमित नौटियाल)

देहरादून। उत्तराखण्ड में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों की नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित खेल महाकुम्भ-2026 एवं मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी का रविवार को मिनी स्टेडियम, ननूरखेड़ा, देहरादून में भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के विजेता जनपद देहरादून को ट्रॉफी के साथ पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं और खिलाड़ियों को समर्पित meroyuva.in पोर्टल का भी विमोचन किया। समारोह में मलखम्ब एवं आर्टिस्टिक योग के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों के साथ ही सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

3 लाख 35 हजार से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी, खेल महाकुम्भ बना जनआंदोलन

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान अब केवल देवभूमि के रूप में ही नहीं, बल्कि खेल भूमि के रूप में भी तेजी से स्थापित हो रही है। राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, संघर्ष करने की क्षमता, नेतृत्व और टीम भावना का विकास होता है। खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में शुरू किए गए खेल महाकुम्भ का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाना और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। इस वर्ष खेल महाकुम्भ में खिलाड़ियों की भागीदारी ने नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले वर्ष जहां लगभग 2 लाख 20 हजार खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 3 लाख 35 हजार से अधिक हो गई है। यह प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और युवाओं की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।

टनकपुर से शुरू हुआ सफर प्रदेश स्तर तक पहुंचा

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल महाकुम्भ-2026 की शुरुआत 1 सितंबर को चम्पावत जनपद के टनकपुर से हुई थी। इसके बाद प्रतियोगिताएं न्याय पंचायत, विधानसभा और संसदीय क्षेत्र स्तर से होते हुए राज्य स्तर तक आयोजित की गईं। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत इस वर्ष कुल 32 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं को प्रदेश की 662 न्याय पंचायतों, सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों, संसदीय क्षेत्र स्तर और राज्य स्तर तक आयोजित किया गया। इस आयोजन में सांसदों, विधायकों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई और विभिन्न स्तरों पर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

खिलाड़ियों के खातों में डीबीटी से पहुंचेगी 11.30 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश की कोई भी प्रतिभाशाली खेल प्रतिभा अवसरों और संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए। इसी उद्देश्य से न्याय पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष लगभग 11 करोड़ 30 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में वितरित की जा रही है। इससे खिलाड़ियों को आर्थिक प्रोत्साहन मिलने के साथ खेलों के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करने वाले पात्र खिलाड़ियों को निर्धारित नियमों के अंतर्गत सीधी भर्ती के पदों में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले को खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने और खेलों को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलों को मिल रही नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों ने नई जागरूकता पैदा की है। इन अभियानों से युवाओं में खेलों और फिटनेस के प्रति रुचि बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं, आवश्यक संसाधन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष उत्तराखण्ड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया था। उन्हें विश्वास है कि खेल महाकुम्भ के माध्यम से सामने आ रही नई प्रतिभाएं भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश एवं प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।

हार से निराश न हों खिलाड़ी, मेहनत जारी रखें : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेलों में हार और जीत दोनों महत्वपूर्ण हैं। प्रतियोगिता में हर खिलाड़ी को जीतने का अवसर नहीं मिलता, लेकिन हार से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने उन खिलाड़ियों को विशेष संदेश दिया जो इस बार पदक हासिल नहीं कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अपनी कमियों को पहचानें, मेहनत और अभ्यास जारी रखें तथा अगली प्रतियोगिताओं की तैयारी पूरे आत्मविश्वास के साथ करें। राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

खेल सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का विशेष जोर : रेखा आर्या

कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति तथा खेल उपकरणों की खरीद के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश में आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

खेल मंत्री ने बताया कि लोहाघाट में बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज का संचालन प्रारम्भ किया गया है। इसके अलावा राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय और आधुनिक खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और खेल का अनुकूल वातावरण मिल सके।

खेल महाकुम्भ के सफल आयोजन में कई विभागों का योगदान

मुख्यमंत्री ने खेल महाकुम्भ-2026 के सफल आयोजन के लिए युवा कल्याण एवं खेल विभाग, शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, प्रान्तीय रक्षक दल के जवानों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, शिक्षकों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से प्रदेश में खेलों का यह बड़ा आयोजन सफल हो पाया है।

समापन समारोह में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, उत्तराखण्ड युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष विनोद सुयाल एवं कुन्दन सिंह लटवाल, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा तथा निदेशक युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल दीप्ति सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

नई दस्तक विशेष: खेल महाकुम्भ-2026 में 3.35 लाख से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी और लगभग 11.30 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि का वितरण उत्तराखण्ड में खेलों के बढ़ते दायरे को दर्शाता है। देहरादून को मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी का विजेता घोषित किया जाना इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। राज्य सरकार की योजनाओं, आर्थिक प्रोत्साहन और खेल सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को भविष्य में नई ऊंचाइयां हासिल करने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

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