हरिद्वार में ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साधु-संतों के भेष में घूम रहे 17 लोग गिरफ्तार
हरिद्वार में ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साधु-संतों के भेष में घूम रहे 17 लोग गिरफ्तार
धार्मिक आस्था की आड़ में लोगों को भ्रमित कर ठगी करने के आरोप; महिलाओं और युवाओं को बनाते थे निशाना, कोतवाली नगर पुलिस की कार्रवाई
नई दस्तक | हरिद्वार।
हरिद्वार में पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई करते हुए साधु-संतों का भेष धारण कर घूम रहे 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस के अनुसार, ये लोग कथित तौर पर धार्मिक आस्था का सहारा लेकर लोगों को भ्रमित करते थे और उनकी व्यक्तिगत एवं घरेलू समस्याओं का समाधान करने का प्रलोभन देकर ठगी करते थे। पुलिस ने सभी 17 लोगों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 172(2) के तहत कार्रवाई की है।
धार्मिक आस्था की आड़ में लोगों को भ्रमित करने का आरोप
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोग साधु-संतों का वेश धारण कर आम लोगों के बीच घूमते थे। आरोप है कि वे लोगों की व्यक्तिगत परेशानियों और घरेलू समस्याओं को दूर करने का भरोसा दिलाकर उन्हें अपने प्रभाव में लेने का प्रयास करते थे। इस दौरान विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को भ्रमित कर उनसे ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों के माध्यम से कुछ लोग लोगों की धार्मिक भावनाओं और आस्था का अनुचित लाभ उठाने का प्रयास करते हैं। ऐसी गतिविधियां आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ धार्मिक विश्वास और सामाजिक भरोसे को भी प्रभावित कर सकती हैं।
ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस की कार्रवाई
हरिद्वार पुलिस द्वारा संचालित ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत कोतवाली नगर पुलिस ने यह कार्रवाई की। अभियान का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करना है।
पुलिस के मुताबिक, साधु-संतों के भेष में घूम रहे 17 लोगों को हिरासत में लेकर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई। सभी के खिलाफ BNSS की धारा 172(2) के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है।
आमजन से सतर्क रहने की अपील
इस मामले के मद्देनजर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी व्यक्ति द्वारा धार्मिक वेशभूषा धारण कर व्यक्तिगत, पारिवारिक या घरेलू समस्याओं के समाधान का दावा किए जाने पर बिना जांच-पड़ताल के उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी, आर्थिक विवरण या पैसे देने से पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति धार्मिक आस्था का सहारा लेकर दबाव बनाता है या ठगी करने का प्रयास करता है, तो इसकी सूचना पुलिस को दी जा सकती है।
आस्था का सम्मान, धोखाधड़ी पर कार्रवाई जरूरी
हरिद्वार धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में धार्मिक वेशभूषा या पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को कथित तौर पर ठगी का शिकार बनाने की गतिविधियों पर रोक लगाना महत्वपूर्ण है। हालांकि, किसी व्यक्ति के साधु-संत के वेश में होने मात्र से उसे गलत नहीं माना जा सकता। कार्रवाई का आधार संबंधित गतिविधियां और उपलब्ध तथ्य होने चाहिए।
नई दस्तक का संदेश: धार्मिक आस्था प्रत्येक व्यक्ति का निजी विश्वास है। आस्था के नाम पर किसी को भ्रमित करना या आर्थिक नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। आमजन जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें।
नोट: यह समाचार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगा।
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