अजमेर शरीफ में अकीदत और मोहब्बत के साथ मनाया गया 56वां जश्न-ए-गौसिया

Oct 10, 2026 - 08:21
Oct 10, 2026 - 08:24
 0
अजमेर शरीफ में अकीदत और मोहब्बत के साथ मनाया गया 56वां जश्न-ए-गौसिया

अजमेर शरीफ में अकीदत और मोहब्बत के साथ मनाया गया 56वां जश्न-ए-गौसिया

सैयद खुशतर चिश्ती की सरपरस्ती में सजी रूहानी महफिलें, सर्वधर्म एकता के साथ मुल्क में अमन-ओ-अमान और खुशहाली के लिए मांगी गई दुआ

अजमेर शरीफ। | नई दस्तक

मुनव्वर अली साबरीं

सूफियाना रूहानियत और अकीदत की नगरी अजमेर शरीफ में 56वां जश्न-ए-गौसिया बड़ी अकीदत, मोहब्बत और एहतराम के साथ मनाया गया। बारगाह ख्वाजा गरीब नवाज के गद्दीनशीन एवं सर्वधर्म एकता समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद खुशतर चिश्ती की सरपरस्ती में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में दूर-दराज से आए अकीदतमंदों ने शिरकत की। महफिलों में मिलाद शरीफ, महफिल-ए-समा, फातिहा और दुआ के जरिए रूहानी माहौल बना रहा।

अहाता-ए-नूर में सजी महफिल-ए-समा

जश्न-ए-गौसिया के अवसर पर जुमेरात को बाद नमाज-ए-इशा बारगाह ख्वाजा गरीब नवाज के अहाता-ए-नूर में महफिल-ए-समा का आयोजन किया गया। इस रूहानी महफिल में दूर-दराज से पहुंचे अकीदतमंदों ने शिरकत की और सूफियाना परंपरा से जुड़ी महफिल का हिस्सा बने।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं को सम्मानित किया गया। इस पहल के जरिए आपसी भाईचारे, मोहब्बत और सर्वधर्म सद्भाव का पैगाम दिया गया। महफिल-ए-समा के समापन के बाद अहाता-ए-नूर में मौजूद सभी अकीदतमंदों के बीच खीर का तबर्रुक वितरित किया गया।

खानकाह में महफिल-ए-मिलाद शरीफ का आगाज

शनिवार रात दस बजे गद्दीनशीन सैयद खुशतर चिश्ती की खानकाह में महफिल-ए-मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया। मिलाद शरीफ के बाद फातिहा पढ़ी गई और दुआ के पश्चात अकीदतमंदों में तबर्रुक तकसीम किया गया। इस दौरान महफिल में शामिल लोगों ने पूरी अकीदत और एहतराम के साथ शिरकत की।

मुल्क की खुशहाली और अमन-ओ-अमान के लिए दुआ

इस मौके पर सैयद खुशतर चिश्ती ने उपस्थित सभी लोगों के हक में दुआ करते हुए देश में अमन-ओ-अमान, खुशहाली और आपसी भाईचारे की कामना की। उन्होंने मुल्क में मोहब्बत, इंसानियत और सर्वधर्म एकता की भावना कायम रहने के लिए दुआ की।

56वें जश्न-ए-गौसिया के इस आयोजन में सूफियाना परंपरा, रूहानियत और आपसी सद्भाव का संदेश प्रमुखता से सामने आया। विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं का सम्मान और दूर-दराज से आए अकीदतमंदों की भागीदारी कार्यक्रम की खास विशेषता रही।

नई दस्तक | अजमेर शरीफ से अकीदत, रूहानियत और इंसानियत का पैगाम।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0