सिडकुल पुलिस की कार्रवाई: 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में युवक हिरासत में

Oct 24, 2026 - 16:45
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सिडकुल पुलिस की कार्रवाई: 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में युवक हिरासत में

सिडकुल पुलिस की कार्रवाई: 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में युवक हिरासत में

शिकायत के आधार पर पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा, पुलिस की दबिश के बाद थाने पहुंचा आरोपी

नई दस्तक | हरिद्वार।

हरिद्वार जनपद के सिडकुल थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के आरोप का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक आदर्श यादव के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, विभिन्न स्थानों पर दबिश दिए जाने के बाद आरोपी 24 अक्टूबर 2026 को स्वयं थाने पहुंचा, जहां पूछताछ के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।

पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को नेहरू कॉलोनी, सिडकुल निवासी एक व्यक्ति ने थाने में शिकायती प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि आदर्श यादव नामक युवक ने उनकी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस की दबिश के बाद थाने पहुंचा आरोपी

मामले में कार्रवाई करते हुए सिडकुल पुलिस की टीम ने आरोपी की तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद आरोपी 24 अक्टूबर को स्वयं थाने पहुंचा। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस के समक्ष अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को स्वीकार किया। विवेचक ने नियमानुसार मानवाधिकार संबंधी प्रावधानों का पालन करते हुए उसे हिरासत में लिया।

आरोपी की पहचान

पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान आदर्श यादव पुत्र दशरथ सिंह यादव, निवासी ग्राम जलालपुर, पोस्ट माहपुर, थाना सैदपुर, जनपद गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। वह वर्तमान में नेहरू कॉलोनी, थाना सिडकुल, जनपद हरिद्वार में रह रहा था।

पुलिस टीम में ये रहे शामिल

इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष अजय शाह, उपनिरीक्षक मनीषा नेगी और कांस्टेबल गोपाल शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई जारी है।

नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच के साथ पीड़ित की पहचान एवं निजता की सुरक्षा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरी की जाएगी। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

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