पिरान कलियर में 23 सितंबर को सजेगी जश्न-ए-गौसुल आजम की महफिल

Sep 22, 2026 - 11:23
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पिरान कलियर में 23 सितंबर को सजेगी जश्न-ए-गौसुल आजम की महफिल

पिरान कलियर में 23 सितंबर को सजेगी जश्न-ए-गौसुल आजम की महफिल

बरेली शरीफ के खानकाह-ए-शराफतिया सकलैनियां के गद्दीनशीन शाह गाजी मियां होंगे मुख्य अतिथि

पिरान कलियर। सूफी संतों की सरज़मीन और रूहानी मरकज़ पिरान कलियर में आगामी 23 सितंबर को जश्न-ए-गौसुल आजम का भव्य आयोजन किया जाएगा। आयोजन में बरेली शरीफ की खानकाह-ए-शराफतिया सकलैनियां के गद्दीनशीन शाह गाजी मियां मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।

जश्न के सिलसिले में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आयोजन के दौरान चादरपोशी, फातिहाख्वानी, कुरआनख्वानी, महफिल-ए-समा, लंगर-ए-आम सहित विभिन्न रूहानी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के समापन पर मुल्क में अमनो-अमान, खुशहाली, भाईचारे और आपसी मोहब्बत के लिए विशेष दुआ की जाएगी।

मुनव्वर अली साबरी के आवास पर हुई बैठक

आयोजन की तैयारियों को लेकर पिरान कलियर स्थित खादिम मुनव्वर अली साबरी के आवास पर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की सदारत साहिबजादा शाह यावर एजाज कुद्दुसी साबरी ने की। बैठक में अंजुमन गुलामाने मुस्तफा सोसायटी के पदाधिकारियों, शाह गाजी मियां के मुरीदीन और अकीदतमंदों ने शिरकत की तथा कार्यक्रम की रूपरेखा और व्यवस्थाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

साहिबजादा शाह यावर एजाज कुद्दुसी साबरी ने बताया कि 23 सितंबर को पिरान कलियर में जश्न-ए-गौसुल वरा का आयोजन अकीदत और सूफियाना रिवायतों के मुताबिक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोजन में कुरआनख्वानी, महफिल-ए-समा, लंगरख्वानी और दरगाह साबिर पाक में चादरपोशी सहित कई कार्यक्रम होंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी दूर-दराज से सूफी अनुयायियों और अकीदतमंदों के बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है।

सुबह 9 बजे पिरान कलियर पहुंचेंगे शाह गाजी मियां

आयोजक हाजी गुलशाद सिद्दीकी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 23 सितंबर को बरेली शरीफ की खानकाह-ए-शराफतिया सकलैनियां के गद्दीनशीन शाह गाजी मियां सुबह करीब 9 बजे पिरान कलियर पहुंचेंगे। यहां अकीदतमंदों की ओर से फूल-मालाओं के साथ उनका इस्तकबाल किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि शाह गाजी मियां दरगाह बाबा जिलानी के पास स्थित साबरी कायनात होटल में कयाम करेंगे। इसके बाद करीब 11 बजे अकीदतमंदों के साथ जुलूस की शक्ल में दरगाह शरीफ पहुंचेंगे।

दरगाह शरीफ में साहिबजादा शाह यावर मियां की मौजूदगी में अकीदत की चादर और फूल पेश किए जाएंगे तथा फातिहाख्वानी का एहतमाम होगा। इसके बाद दोपहर में सज्जादानशीन की कोठी पर लंगर-ए-आम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के आखिर में मुल्क की अमनो-सलामती, खुशहाली, भाईचारे और आपसी मोहब्बत के लिए खास दुआ की जाएगी।

मरहूम हाजी शादाब साबरी की याद में पहला आयोजन

खादिम मुनव्वर अली साबरी ने बताया कि अंजुमन गुलामाने मुस्तफा सोसायटी की ओर से हर वर्ष इस आयोजन का एहतमाम मरहूम हाजी शादाब साबरी किया करते थे। कुछ माह पूर्व उनके इंतकाल के बाद यह पहला आयोजन है।

उन्होंने कहा कि हाजी शादाब साबरी सोसायटी में सचिव के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे और जश्न-ए-गौसुल आजम के आयोजन को कामयाबी से हमकिनार करने में उनका अहम किरदार रहा। उनके इंतकाल के बाद अब राहिल कुरैशी को सोसायटी का सचिव बनाया गया है, जो इस वर्ष के आयोजन में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

मुनव्वर अली साबरी ने कहा कि आयोजन को लेकर सोसायटी के पदाधिकारियों और अकीदतमंदों में खासा जोश और उत्साह है। कार्यक्रम को व्यवस्थित और खुशनुमा माहौल में संपन्न कराने के लिए तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं।

रूहानियत, भाईचारे और अमनो-सलामती का पैगाम

सूफी राशिद अली साबरी ने कहा कि जश्न-ए-गौसुल आजम हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी रहमतुल्लाह अलैह की याद और उनकी रूहानी तालीमात से जुड़ा आयोजन है। सूफी रिवायत में उन्हें गौस-ए-आजम के नाम से जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे रूहानी और दीनी आयोजनों के जरिए लोगों तक मोहब्बत, इंसानियत, खिदमत, भाईचारे और अमनो-सलामती का पैगाम पहुंचता है। उन्होंने अकीदतमंदों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शिरकत कर दुआ में शामिल होने की अपील की।

बैठक में आलम सैफी, कल्लू भाई, परवेज आलम, राहिल कुरैशी, रियाज कुरैशी, फैसल खान उर्फ मोंटू, सावेज खान, वाजिद अंसारी और रईस अंसारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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