रामलीला के मंच से बहादराबाद पुलिस का साइबर सुरक्षा संदेश, ‘डिजिटल रावण’ से बचने की दी सीख

Oct 15, 2026 - 14:34
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रामलीला के मंच से बहादराबाद पुलिस का साइबर सुरक्षा संदेश, ‘डिजिटल रावण’ से बचने की दी सीख

रामलीला के मंच से बहादराबाद पुलिस का साइबर सुरक्षा संदेश, ‘डिजिटल रावण’ से बचने की दी सीख

रामायण के प्रसंगों से समझाया साइबर ठगी का खतरा, AI-डीपफेक और फर्जी KYC से सतर्क रहने की अपील

बहादराबाद, हरिद्वार। त्योहारों के मौसम में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए बहादराबाद पुलिस ने अनूठी पहल की। पुलिस ने रामलीला के मंच को जागरूकता का माध्यम बनाते हुए रामायण के प्रसंगों के जरिए लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके समझाए। उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने सैकड़ों दर्शकों को संबोधित करते हुए आज के साइबर अपराधियों को ‘डिजिटल रावण’ की संज्ञा दी और उनसे बचने के लिए साइबर सुरक्षा की ‘लक्ष्मण रेखा’ पार न करने का संदेश दिया।

रावण के छल से डिजिटल ठगी तक, रामायण के प्रसंग से समझाया खतरा

बहादराबाद पुलिस की इस पहल के दौरान अरण्य कांड में माता सीता के हरण के प्रसंग का उदाहरण दिया गया। उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने बताया कि जिस प्रकार रावण ने साधु का वेश धारण कर छल किया था, उसी तरह आज साइबर अपराधी भी अलग-अलग पहचान बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।

उन्होंने बताया कि साइबर ठग कभी बैंक कर्मचारी, कभी कस्टमर केयर प्रतिनिधि, तो कभी CBI या पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं। कई बार रिश्तेदार बनकर आपात स्थिति का बहाना बनाया जाता है, जबकि फर्जी लॉटरी, नौकरी, लोन, KYC अपडेट और संदिग्ध लिंक के जरिए भी लोगों की मेहनत की कमाई ठगने की कोशिश की जाती है।

AI और डीपफेक के दौर में पहचान की पुष्टि जरूरी

पुलिस ने लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक से जुड़े संभावित साइबर अपराधों के प्रति भी सतर्क किया। किसी परिचित की आवाज या वीडियो में रुपये मांगने का संदेश मिलने पर बिना पुष्टि पैसे न भेजने की सलाह दी गई। ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे विश्वसनीय माध्यम से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करना जरूरी बताया गया।

साइबर ठगी से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां

बहादराबाद पुलिस ने आमजन से अपील की कि वे अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखें तथा निम्नलिखित सावधानियां अपनाएं—

  • OTP और पासवर्ड गोपनीय रखें: किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
  • अनजान लिंक से बचें: संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल पर सतर्क रहें।
  • सोशल मीडिया सुरक्षित रखें: मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।
  • ATM पर सावधानी बरतें: अनजान लोगों की मदद लेने से बचें और अपना PIN गोपनीय रखें।
  • लुभावने ऑफर से बचें: फर्जी नौकरी, लॉटरी और लोन के नाम पर मांगी गई निजी जानकारी साझा न करें।
  • अनजान ऐप डाउनलोड न करें: किसी संदिग्ध ऐप को मोबाइल में इंस्टॉल न करें और अनजान व्यक्ति को रिमोट एक्सेस न दें।
  • रुपये भेजने से पहले सत्यापन करें: किसी परिचित या रिश्तेदार के नाम पर आई आपातकालीन मांग की पुष्टि अवश्य करें।

साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत करें शिकायत

उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत की जा सकती है।

पुलिस के अनुसार, समय रहते शिकायत करने से ठगी गई धनराशि को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए घटना के बाद बिना देरी किए शिकायत करना महत्वपूर्ण है।

सांस्कृतिक मंच से जन-जागरूकता की पहल

बहादराबाद पुलिस की इस पहल में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रसंगों के माध्यम से तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। रामलीला समिति और कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों ने इस प्रयास की सराहना की।

पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। संदेश साफ है—जैसे मर्यादा पुरुषोत्तम राम की कथा में लक्ष्मण रेखा सुरक्षा का प्रतीक है, वैसे ही डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव की सबसे मजबूत ढाल है।

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