रुड़की के कन्या महाविद्यालय में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, छात्राओं ने नृत्य और नाटिका से दिया प्रेरणादायक संदेश

Oct 26, 2026 - 21:35
 0
रुड़की के कन्या महाविद्यालय में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, छात्राओं ने नृत्य और नाटिका से दिया प्रेरणादायक संदेश

रुड़की के कन्या महाविद्यालय में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, छात्राओं ने नृत्य और नाटिका से दिया प्रेरणादायक संदेश

रामायण की गौरवशाली परंपरा, भगवान श्रीराम के आदर्शों और महर्षि वाल्मीकि के जीवन चरित्र पर आधारित प्रस्तुतियों ने मोहा मन, भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का किया आह्वान

नई दस्तक | रुड़की, हरिद्वार।

श्री सनातन धर्म प्रकाश चंद्र कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुड़की में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर बी.एससी. एवं एम.ए. विभाग की ओर से भव्य एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और कलात्मक कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए महर्षि वाल्मीकि के महान व्यक्तित्व, भगवान श्रीराम के आदर्शों तथा भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को महर्षि वाल्मीकि के जीवन, उनके महान योगदान, वाल्मीकि रामायण की महत्ता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना तथा उन्हें सत्य, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा एवं सदाचार जैसे जीवन मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय सचिव ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री अरविंद कुमार गुप्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के सचिव श्री सौरभ भूषण शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय सचिव द्वारा फीता काटकर किया गया। इसके पश्चात महर्षि वाल्मीकि जी एवं मां सरस्वती के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलित किया गया और माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम का वातावरण भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और श्रद्धा के भाव से परिपूर्ण रहा। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्राओं को भारतीय साहित्य एवं संस्कृति के महान व्यक्तित्वों के विचारों को समझने का अवसर प्रदान किया।

नृत्य और लघु नाटिका के माध्यम से जीवंत हुई रामायण की गाथा

सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण छात्राओं द्वारा भगवान श्रीरामचंद्र जी के जीवन चरित्र तथा रामायण की विभिन्न घटनाओं पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां रहीं। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यपरायणता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को रामायण की गौरवशाली परंपरा और उसके नैतिक संदेशों से रूबरू कराया।

इसके साथ ही छात्राओं ने महर्षि वाल्मीकि जी के संपूर्ण जीवनवृत्त पर आधारित एक लघु नाटिका का मंचन किया। नाटिका के माध्यम से उनके जीवन, व्यक्तित्व और महान साहित्यिक योगदान को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया गया। छात्राओं ने अपने अभिनय के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, ज्ञान, साधना और सदाचार का विशेष महत्व है।

कार्यक्रम में संत रहीमदास जी एवं संत कबीरदास जी के सुंदर दोहों का भी भावपूर्ण प्रस्तुतिकरण किया गया। इन दोहों के माध्यम से नैतिकता, मानवीय संवेदनाओं, सद्भाव और जीवन में अच्छे आचरण के महत्व को रेखांकित किया गया। नृत्य, नाटक और दोहों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और आकर्षक बना दिया।

सचिव सौरभ भूषण शर्मा ने छात्राओं को महापुरुषों के आदर्श अपनाने के लिए किया प्रेरित

महाविद्यालय के सचिव श्री सौरभ भूषण शर्मा ने महर्षि वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं देते हुए छात्राओं को उनके आदर्शों एवं शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का जीवन और उनके विचार समाज को सही दिशा प्रदान करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी होते हैं।

उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में समय-समय पर इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि छात्राओं को देश के महान महापुरुषों के जीवन, उनके संघर्षों, विचारों और आदर्शों से सीखने का अवसर मिल सके।

श्री शर्मा ने छात्राओं से भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और महान व्यक्तित्वों की शिक्षाओं को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, जिम्मेदारी, अनुशासन और सामाजिक चेतना का विकास करना भी है।

अरविंद कुमार गुप्ता ने भगवान श्रीराम के आदर्शों पर डाला प्रकाश

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अरविंद कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में भगवान श्रीरामचंद्र जी के जीवन चरित्र और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेने तथा उनके आदर्शों को अपने व्यवहार में उतारने का संदेश दिया।

उन्होंने सत्य, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और सदाचार जैसे गुणों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार, जीवन में नैतिक मूल्यों का विशेष महत्व है और इन मूल्यों के आधार पर ही व्यक्ति अपने व्यक्तित्व को बेहतर बनाते हुए समाज में सकारात्मक योगदान दे सकता है।

उन्होंने छात्राओं को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति जागरूक रहने और अपने जीवन में अच्छे विचारों तथा आदर्श आचरण को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. मधु मेहरा ने छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना की

इस अवसर पर महाविद्यालय की स्ववित्त पोषित प्रभारी डॉ. मधु मेहरा ने सभी छात्राओं को महर्षि वाल्मीकि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना का विकास करती हैं।

उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी इसी प्रकार उत्साह, लगन और रचनात्मकता के साथ शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाली सभी छात्राओं, प्राध्यापिकाओं, शिक्षकों और महाविद्यालय के समस्त कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

महाविद्यालय की प्राध्यापिकाओं की रही सहभागिता

कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राध्यापिकाएं श्रीमती संदीपा, श्रीमती प्रियंका, श्रीमती राधा, सुश्री अंजलि, सुश्री शिवानी, सुश्री आंचल, सुश्री तनु, श्रीमती अमिता, श्रीमती काजल, सुश्री ज्योति सहित अन्य प्राध्यापिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में छात्राओं एवं महाविद्यालय के शिक्षकों की सहभागिता महत्वपूर्ण रही।

भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को अपनाने का दिया संदेश

महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित यह सांस्कृतिक कार्यक्रम छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के जीवन और साहित्यिक योगदान, वाल्मीकि रामायण की महत्ता, भगवान श्रीराम के आदर्शों तथा संत कबीरदास और रहीमदास की शिक्षाओं को समझने का अवसर मिला।

समग्र रूप से श्री सनातन धर्म प्रकाश चंद्र कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुड़की में आयोजित इस कार्यक्रम ने भारतीय संस्कृति, साहित्य और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम ने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे महान व्यक्तित्वों की शिक्षाओं से सीख लेकर सत्य, सदाचार, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन में अपनाएं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0