दिव्यांग इ रिक्शा चालक की गुमशुदगी का मामला जघन्नय हत्या में बदल गया हरिद्वार पुलिस ने 48 घंटे में किया पर्दा फाश

Feb 7, 2026 - 16:55
Feb 7, 2026 - 16:56
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हरिद्वार: कोतवाली रानीपुर क्षेत्र में एक दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की गुमशुदगी का मामला देखते-देखते जघन्य हत्या में बदल गया। हरिद्वार पुलिस ने महज़ 48 घंटे के भीतर इस ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि दिव्यांग ई-रिक्शा चालक मनीष की हत्या मोबाइल छीने जाने के विरोध के बाद की गई थी। पुलिस ने ज्वालापुर निवासी अयान उर्फ सुन्नत को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका साथी बिलाल अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

गुमशुदगी से शुरू हुआ था मामला......
चार फरवरी 2026 को रामआसरे निवासी मकान संख्या 114, विष्णुलोक कॉलोनी रानीपुर ने अपने पुत्र मनीष (38 वर्ष) की गुमशुदगी की सूचना कोतवाली रानीपुर में दी थी। बताया गया कि मनीष, जो पैरों से दिव्यांग था और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था, एक फरवरी से लापता था। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामला संदिग्ध होता चला गया।

मोबाइल छीना, सिम तोड़ी और रची गई साजिश.....
जांच में सामने आया कि पांवधोई, ज्वालापुर निवासी अयान उर्फ सुन्नत ने बैरियर नंबर-05 के पास कॉल करने के बहाने मनीष का मोबाइल फोन लिया था और बाद में उसे वापस न कर फरार हो गया। आरोपी ने मोबाइल स्विच ऑफ कर सिम तोड़ दी, ताकि उसका कोई सुराग न मिल सके। जब मनीष ने मोबाइल वापस मांगा और पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो आरोपी घबरा गया। इसके बाद उसने अपने साथी बिलाल के साथ मिलकर मनीष को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

मुलाकात के बहाने बुलाकर कर दी हत्या.....
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने मनीष को भेल क्षेत्र के पास मिलने के लिए बुलाया। वहां मोबाइल को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद अयान और बिलाल ने मिलकर मनीष की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर सुपरवाइजर हॉस्टल के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया। पहचान छिपाने के इरादे से मृतक का ई-रिक्शा रोड़ी बेलवाला क्षेत्र में छोड़ दिया गया और दोनों आरोपी फरार हो गए।

गिरफ्तारी और बरामदगी.....
प्रभारी निरीक्षक आशुतोष राणा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने छह फरवरी को भेल स्टेडियम क्षेत्र से अयान उर्फ सुन्नत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। इसके बाद पुलिस ने मौके से शव बरामद कर गुमशुदगी के मामले को हत्या में तब्दील कर दिया। फरार आरोपी बिलाल की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़....
मृतक मनीष दिव्यांग था और ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार की आजीविका चलाता था। उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके में भी गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।

इस टीम ने किया खुलासा....
इस पूरे मामले का सफल अनावरण प्रभारी निरीक्षक आशुतोष राणा के नेतृत्व में वरिष्ठ उपनिरीक्षक नितिन चौहान, उपनिरीक्षक विकास रावत (चौकी प्रभारी गैस प्लांट), उपनिरीक्षक मनदीप सिंह, कांस्टेबल दीप गौड़, सुमन डोभाल, रविंद्र बिष्ट और अजीत राज की टीम ने किया।

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